बाहर जब भी की ओर बढ़ चला। भले ही अंदर चारों ओर गंदे बाहर जब भी एक विस्फोट की आवाज गूजती तभी आदमी उसी समय सीवर पाइप को एक बार पीटता क्योंकि सिर्फ इसी तरह वह तेज आवाज को छुपा सकता था और ऊपर मौजूद जेल के गार्ड को सुनने से रोक सकता था। यह मोटी सीवर पाइप ही उसकी एकमात्र बचने की राह थी। कई बार कोशिश करने के ब…
बाहर जब भी की ओर बढ़ चला। भले ही अंदर चारों ओर गंदे बाहर जब भी एक विस्फोट की आवाज गूजती तभी आदमी उसी समय सीवर पाइप को एक बार पीटता क्योंकि सिर्फ इसी तरह वह तेज आवाज को छुपा सकता था और ऊपर मौजूद जेल के गार्ड को सुनने से रोक सकता था। यह मोटी सीवर पाइप ही उसकी एकमात्र बचने की राह थी। कई बार कोशिश करने के बाद आखिरकार आदमी ने उसे तोड़ने में सफलता पाई। उसी पल भारी मात्रा में गंदा पानी बाहर आ