कुछ रिवायतों में ज़िक्र मिलता है कि वह रेगिस्तान में घूमता था और लोग उससे खौफ़ज़दा रहते थे।
लेकिन आखिरकार अल्लाह के नबी हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम के ज़माने में उसका अंजाम आया।
रिवायतों के मुताबिक हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम ने अल्लाह की मदद से उस ताकतवर दैत्य का मुकाबला किया और उसे शिकस्त दी।
यह वाक़िया हमें याद दिलाता है कि दुनिया में ताकत कितनी भी बड़ी क्यों न हो, असली ताकत हमेशा अल्लाह के पास ही होती है।