नमस्ते दोस्तों…
कभी सोचा है…
कि recovery में लोग बार-बार क्यों कहते हैं —
“90 meetings in 90 days” ?
जब कोई इंसान addiction छोड़ने की कोशिश करता है,
तो शुरुआत के दिन सबसे मुश्किल होते हैं।
शरीर अभी भी पुरानी आदतों को याद करता है…
और दिमाग बार-बार वही पुरानी आवाज़ सुनाता है —
“आज मत जाओ…”
“कल से शुरू करें…
नमस्ते दोस्तों…
कभी सोचा है…
कि recovery में लोग बार-बार क्यों कहते हैं —
“90 meetings in 90 days” ?
जब कोई इंसान addiction छोड़ने की कोशिश करता है,
तो शुरुआत के दिन सबसे मुश्किल होते हैं।
शरीर अभी भी पुरानी आदतों को याद करता है…
और दिमाग बार-बार वही पुरानी आवाज़ सुनाता है —
“आज मत जाओ…”
“कल से शुरू करेंगे…”
“इतना भी क्या ज़रूरी है…”
कभी शर्म महसूस होती है…
कभी डर लगता है कि लोग क्या सोचेंगे…
और कभी ऐसा भी लगता है कि
“मेरी situation अलग है… मुझे meetings की ज़रूरत नहीं।”
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