की सरसराहट।
कुछ देर बाद… उसे दूर से वह पुराना कुआँ दिखाई दिया
कुआँ बहुत पुराना था
चारों तरफ टूटी हुई दीवारें… और ऊपर जंग लगा लोहे का ढक्कन
रवि धीरे-धीरे पास गया
तभी अचानक
कुएँ के अंदर से किसी के रोने की आवाज़ आई।रवि डर गया… लेकिन उसने टॉर्च कुएँ के अंदर डाली
अंदर सिर्फ अंधेरा था
फिर अचानक
एक धीमी आवाज़ आई:
“मुझे… बाहर निकालो…
रवि का दिल जोर से धड़कने लगा
रवि पीछे हटने ही वाला था कि आवाज़ फिर आई:
कृपया… मुझे बाहर निकालो
रवि ने सोचा शायद कोई इंसान गिर गया होगा।
उसने कुएँ का ढक्कन थोड़ा खोल दिया