आज मैं आपको इस्लामी तारीख का एक ऐसा वाकया सुनाने जा रहा हूँ, जिसे सुनकर हर इंसान की आँखें नम हो जाती हैं।
यह वाकया है ताइफ़ का, जहाँ हमारे प्यारे नबी "मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम " को बहुत ज्यादा तकलीफ दी गई, लेकिन फिर भी आपने बद्दुआ नहीं दी।
यह उस समय की बात है जब मक्का में इस्लाम की दावत देना बहुत मुश्किल…
आज मैं आपको इस्लामी तारीख का एक ऐसा वाकया सुनाने जा रहा हूँ, जिसे सुनकर हर इंसान की आँखें नम हो जाती हैं।
यह वाकया है ताइफ़ का, जहाँ हमारे प्यारे नबी "मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम " को बहुत ज्यादा तकलीफ दी गई, लेकिन फिर भी आपने बद्दुआ नहीं दी।
यह उस समय की बात है जब मक्का में इस्लाम की दावत देना बहुत मुश्किल हो गया था।
कुरैश के लोग नबी सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम को बहुत परेशान कर रहे थे।
इसी दौरान नबी सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम के दो सबसे बड़े सहारे भी दुनिया से चले गए।एक थे आपके चाचा अबू तालिब।
Wannan fayil ɗin sauti ya wuce lokacinsa.
Maɓallan sauti da aka raba suna ƙarewa bayan sa'o'i 24. Za ka iya ƙirƙirar na kanka a ƙasa!