शहर के एक शानदार होटल की लॉबी में दो दोस्त, विक्रम और आदित्य, एक टेबल पर बैठे थे। उनके सामने चाय के कप और कुछ जरूरी कागज़ रखे थे। विक्रम ने उत्साह से कहा, “अगर हम अपनी नई कंपनी की शुरुआत इसी महीने कर दें, तो बाजार में अच्छी पकड़ बना सकते हैं।” आदित्य ने गंभीरता से जवाब दिया, “हां, लेकिन हमें निवेश और मार्केटिंग की पूरी योजना तैयार करनी होगी।” दोनों लाभ, जोखिम और ग्राहकों की जरूरतों पर चर्चा करते रहे। आखिर में उन्होंने भरोसे के साथ हाथ मिलाया और मेहनत से अपने सपनों का व्यवसाय शुरू करने का निर्णय