रात के 12 बजे थे
आकाश अपने कमरे में अकेला बैठा था। बाहर तेज़ हवा चल रही थी और खिड़की बार-बार हिल रही थी
अचानक उसका फोन बजा
लेकिन फोन पर कोई नंबर नहीं दिख रहा था
आकाश ने फोन उठाया
दूसरी तरफ से सिर्फ धीमी सांसों की आवाज़ आ रही थी
फिर एक लड़की की आवाज़ आई
“तुम मेरे घर में क्यों हो
आकाश घबरा गया क्योंकि वो तो अपने ही घर में था
फोन कट गया
तभी ऊपर की मंज़िल से किसी के चलने की आवाज़ आने लगी
आकाश धीरे-धीरे सीढ़ियों की तरफ बढ़ा
घर में तो वो अकेला रहता था
ऊपर का कमरा खुला हुआ था
अंदर पूरा अ