दो तलवारें... काला कवच... और आँखों में अटूट विश्वास।
वीरेंद्र उसे सिर्फ सेनापति नहीं... भाई मानता था।
पर यह रिश्ता... यूं ही नहीं बना था।
इसकी नींव... बीस साल पहले पड़ी थी।
---
**[बचपन - Flashback]**
बीस साल पहले...
अवंतिका के बाहरी इलाके में... एक छोटा गाँव था।
वहाँ... दो बच्चे खेल रहे थे।
एक था …
दो तलवारें... काला कवच... और आँखों में अटूट विश्वास।
वीरेंद्र उसे सिर्फ सेनापति नहीं... भाई मानता था।
पर यह रिश्ता... यूं ही नहीं बना था।
इसकी नींव... बीस साल पहले पड़ी थी।
---
**[बचपन - Flashback]**
बीस साल पहले...
अवंतिका के बाहरी इलाके में... एक छोटा गाँव था।
वहाँ... दो बच्चे खेल रहे थे।
एक था वीरेंद्र... दस साल का राजकुमार।
राजसी कपड़े... सोने के गहने... मासूम चेहरा।
दूसरा था अर्जुन... एक साधारण सिपाही का बेटा।
फटे कपड़े... नंगे पैर... पर आँखों में चमक।
दोनों अक्सर साथ खेलते थे।
Hierdie oudio-lêer het verval.
Gedeelde oudioverbindings vertrek na 24 uur. Jy kan jou eie onder genereer!
Skep u eie KI-CD
Genereer professionele stemoorde met 20+ KI-modelle 0°) heeltemal vry, geen teken-op benodig.