उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव में रामू नाम का एक किसान रहता था। उसका जीवन बहुत साधारण था, लेकिन उसके अंदर मेहनत और ईमानदारी की कोई कमी नहीं थी। रामू के पास थोड़ी-सी जमीन थी, जिससे वह अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। उसके परिवार में उसकी पत्नी सीता और दो छोटे बच्चे थे।
रामू रोज सुबह सूरज निकलने से पहले उठ जाता था। वह अपने बैलों को चारा खिलाता, फिर खेत की ओर निकल पड़ता। खेत ही उसकी दुनिया था। वह बड़ी लगन से हल चलाता, बीज बोता और फसलों की देखभाल करता। उसके हाथ भले ही खुरदरे थे, लेकिन दिल बहुत को