एक गाँव में एक गरीब बूढ़े बाबा रहते थे।
उनके पास पैसे नहीं थे, लेकिन एक छोटा सा कुत्ता उनका सबसे अच्छा दोस्त था।
हर दिन बाबा अपने खाने की आधी रोटी उस कुत्ते को खिला देते थे।
कुत्ता भी हमेशा बाबा के साथ रहता था।
एक दिन बाबा सड़क पार कर रहे थे।
अचानक तेज़ रफ्तार से एक बाइक आ रही थी।
तभी कुत्ता जोर से भौंका और बाबा को पीछे खींच लिया।
बाइक तेजी से निकल गई और बाबा की जान बच गई।
बाबा ने कुत्ते को गले लगाकर कहा,
“सच्चा दोस्त वही होता है जो मुसीबत में साथ दे।”