गाँव के किनारे बसे एक छोटे से मिट्टी के घर में राहुल अपने माता-पिता के साथ रहता था। घर के सामने एक नीम का पेड़ था, जिसकी छाया में दोपहरें ठंडी और सुकून भरी लगती थीं। उसी पेड़ के पास बँधी रहती थी एक सफेद, शांत स्वभाव वाली गाय — “गौरी”। गौरी इस परिवार का हिस्सा थी, कोई साधारण जानवर नहीं। राहुल उसे अपनी दोस्त मानता था, और सच कहें तो गौरी भी उसे उतना ही समझती थी।
राहुल की सुबह हमेशा गौरी से शुरू होती थी। वह उठते ही सबसे पहले उसके पास जाता, उसके सिर पर प्यार से हाथ फेरता और उसे रोटी खिलाता। “गौरी,l.