गाँव बघनियाबाड़ी में एक पुराना पीपल का पेड़ था। लोग कहते थे, सूरज ढलने के बाद वहाँ से कोई अकेला नहीं गुजरता। वजह थी—उस पेड़ के नीचे हर रात पायल की आवाज़ सुनाई देती थी।
रवि शहर से पढ़कर लौटा था। उसे इन बातों पर हँसी आती थी। उसने दोस्तों से कहा, “आज रात मैं उसी रास्ते से जाऊँगा।”
आधी रात को रवि लालटेन लेकर निकला। हवा बिलकुल शांत थी, लेकिन पीपल के पास पहुँचते ही अचानक ठंडी हवा चलने लगी। पेड़ की सूखी टहनियाँ अपने आप हिलने लगीं।
फिर... छन छन छन...
पायल की आवाज़।
रवि रुका। सामने सफेद साड़ी में एक