Əlavə səs
Text to Speech kokoro
[calm] संस्कार की ताकत शहर के बीचों-बीच एक छोटे-से मोहल्ले में आनंद, सुरेश, महेश, रमेश और महावीर—ये पाँच दोस्त रहते थे। पाँचों की उम्र लगभग बराबर थी, पर स्वभाव और संस्कारों में बहुत फर्क था। आनंद बचपन से ही शांत, विनम्र और समझदार था। उसके माता-पिता ने उसे हमेशा यह सिखाया था कि संस्कार आदमी की सबसे बड़ी पूँजी होते हैं। सुरेश थोड़ा जिद्दी था, महेश मजाकिया और हल्का-फुल्का, रमेश दूसरों की मदद करने वाला, जबकि महावीर तेज दिमाग वाला लेकिन कभी-कभी गुस्से में गलत फैसले लेने वाला। एक
Özünüz üçün AI Audio Yarat
Generate professional voiceovers with 20+ AI models — completely free, no sign-up required.
Mətndən Söhbətə