एक छोटे से गाँव में सब्जियों का एक प्यारा सा बाजार था। उसी बाजार में एक भोला-भाला आलू रहता था और पास ही में हरी-भरी सुंदर भिंडी रहती थी।
आलू बहुत मेहनती था और सबकी मदद करता था। भिंडी भी बहुत प्यारी और समझदार थी। धीरे-धीरे दोनों की दोस्ती हो गई। बाजार की बाकी सब्जियाँ—टमाटर, प्याज, गाजर—सब उनकी दोस्ती देखकर खुश रहते थे।
एक दिन टमाटर ने मजाक में कहा,
“अरे आलू और भिंडी! तुम दोनों की जोड़ी तो बहुत अच्छी है, क्यों न शादी कर लो?”
सब सब्जियाँ हँसने लगीं, लेकिन आलू और भिंडी को भी यह बात अच्छी लग गई। फिर