एक किसान के पास दो बड़े घड़े थे, जिन्हें वह रोज नदी से पानी भरकर लाता था। एक घड़ा बिल्कुल सही था, जबकि दूसरा टूटा (दरारदार) था।सही घड़ा पूरा पानी घर तक पहुँचाता, लेकिन टूटा घड़ा रास्ते में पानी रिसने के कारण घर तक आधा ही पहुँचता था। टूटा घड़ा अपनी कमी के कारण बहुत दुखी और शर्मिंदा रहता था।किसान ने घड़े से कहा, "क्या तुमने ध्यान नहीं दिया? जहाँ से पानी रिसता था, उस तरफ रास्ते के किनारे सुंदर फूल खिले हैं। सही घड़े की तरफ कुछ नहीं है।"किसान ने टूटे घड़े की दरार का इस्तेमाल करके रास्ते को फूलों से