घने जंगल के किनारे एक शांत झील थी। उस झील के पास एक चालाक बगुला रहता था। वह हमेशा मौका देखकर मछलियाँ पकड़ता और अपनी चतुराई पर बहुत घमंड करता था।
उसी पेड़ पर एक हरा-भरा तोता भी रहता था। वह बहुत समझदार और दयालु था। तोता सबको सच बोलने और ईमानदारी से जीने की सलाह देता था।
एक दिन बगुले ने सोचा, “अगर मैं चालाकी से काम लूँ, तो बिना मेहनत के ही ढेर सारी मछलियाँ खा सकता हूँ।”
वह झील के पास गया और मछलियों से बोला,
“दोस्तों! मैंने सुना है कि यह झील जल्दी ही सूखने वाली है। अगर तुम चाहो, तो मैं तुम्हें एक बड