उसने पूछा…
“अरे… तू यहाँ कैसे?”
अमन मुस्कुराया…
और बोला…
“दोस्त की परेशानी की खबर मिली…
तो सोचा खुद आकर देख लूँ।”
फिर उसने राहुल के कंधे पर हाथ रखा…
और कहा…
“तू अकेला नहीं है…
जब तक मैं हूँ…
तुझे किसी चीज़ की चिंता करने की जरूरत नहीं।”
उस दिन के बाद…
अमन अक्सर राहुल के पास आने लगा।
कभी पढ़ाई में मदद करत…
उसने पूछा…
“अरे… तू यहाँ कैसे?”
अमन मुस्कुराया…
और बोला…
“दोस्त की परेशानी की खबर मिली…
तो सोचा खुद आकर देख लूँ।”
फिर उसने राहुल के कंधे पर हाथ रखा…
और कहा…
“तू अकेला नहीं है…
जब तक मैं हूँ…
तुझे किसी चीज़ की चिंता करने की जरूरत नहीं।”
उस दिन के बाद…
अमन अक्सर राहुल के पास आने लगा।
कभी पढ़ाई में मदद करता…
तो कभी घर के कामों में हाथ बँटाता।
धीरे-धीरे समय बदलने लगा।
राहुल की मेहनत रंग लाई।
कुछ समय बाद…
उसे एक अच्छी नौकरी मिल गई।
अब उसकी जिंदगी फिर से पटरी पर आ गई थी।
An tsawaita wannan fayil ɗin sauti.
Maɓallan sauti da aka raba suna ƙarewa bayan sa'o'i 24. Za ka iya ƙirƙirar na kanka a ƙasa!