म्हारी सबसे प्यारी दिव्या,
आज आपणे प्यार ने सात बरस पूरे हो गया। जद मैं पाछो मुड़ के देखूं हूँ, तो हर याद में बस थारो ही चेहरो नजर आवे है। सात बरस पहलां जद थूं म्हारी जिंदगी में आई, ओ दिन सूं भगवान ने जैसे म्हाने सबसे खूबसूरत तोहफो दे दियो।
दिव्या, सच्ची बात कहूं तो थारे बिना जिंदगी की कल्पना भी नीं कर सकूं। थूं आई और धीरे-धीरे म्हारी आदत बन गई, फिर जरूरत बन गई… और आज थूं म्हारी पूरी दुनिया बन गई।
इ सात बरसां में आपणे साथे घणी सारी बातें, हंसी, लड़ाई, नाराज़गी अर मनावणो सब देख्यो। पण हर बार एक