ھەمبەھىرلەنگەن ئاۋاز
Text to Speech kokoro
होली का दिन था। मोहल्ले के सारे बच्चे रंग और पिचकारी लेकर तैयार थे। सब जानते थे कि दादी हर साल दरवाज़ा बंद करके बैठ जाती हैं। कहती हैं – “मुझे रंग बिल्कुल पसंद नहीं!” इस बार बच्चों ने प्लान बनाया। धीरे से दादी के दरवाज़े पर दस्तक दी। जैसे ही दरवाज़ा खुला… अचानक ऊपर से रंगों की बारिश हो गई! बच्चे हैरान रह गए। ऊपर बालकनी में खड़ी दादी ज़ोर-ज़ोर से हँस रही थीं। दादी बोलीं – “अरे शैतानों! मैं भी कभी होली की चैंपियन थी!” और फिर पूरा मोहल्ला हँसी और रंगों से भर गया। होली है… बुरा ना मानो, खुशिय
ئۆزىڭىزنىڭ AI ئاۋازىنى قۇرۇش پروگراممىسى
Generate professional voiceovers with 20+ AI models — completely free, no sign-up required.
تېكىستتىن سۆزگە ئۆزگەرتىش پروگراممىسى