दोनों टीवी पर बैठी थीं। अनन्या ने महिमा को अपनी गोद में खींच लिया। महिमा की साड़ी का पल्लू पहले ही सरक चुका था। अनन्या ने धीरे से महिमा का पल्लू पूरी तरह खींचा और फर्श पर फेंक दिया। अब महिमा सिर्फ़ ब्लाउज़ और पेटीकोट में थी।
अनन्या ने महिमा की कमर पर हाथ रखे हुए था। उसने महिमा की कमर को ज़ोर से दबाया, फिर ब्लाउज़ के हुक एक-एक करके खोलने लगी। हर हुक खुलते ही महिमा की साँस तेज़ होती जा रही थी। आखिरी हुक खुला तो अनन्या ने ब्लाउज़ को दोनों तरफ़ खींचा — महिमा के ३६C के टाइट, गोल चूचे ब्रा में कैद थे,