जैसे ही ढक्कन खुला
कुएँ के अंदर से बहुत ठंडी हवा बाहर आई।
टॉर्च की रोशनी अंदर पड़ी
और रवि ने देखा
कुएँ की दीवार से एक सफेद हाथ बाहर निकल रहा था
रवि डरकर पीछे हट गया
लेकिन वह हाथ धीरे-धीरे ऊपर आने लगा
और फिर कुएँ के अंदर से
एक डरावना चेहरा दिखाई दिया।
उसकी आँखें पूरी तरह काली थींवह भूत कुएँ से बाहर निकल आया
धीरे-धीरे उसने अपना सिर घुमाया
और सीधे रवि की तरफ देखा।
फिर मुस्कुराकर बोला:
धन्यवाद मुझे आज़ाद करने के लिएअगली सुबह गाँव वालों को
जंगल के पास रवि की टॉर्च मिली
लेकिन रवि कहीं नहीं मिला