और उन्हें अद्भुत शक्तियों का वरदान दिया…
लेकिन हनुमान जी को अपनी शक्ति का अहंकार ना हो…
इसलिए ऋषियों ने उन्हें श्राप दिया कि वे अपनी शक्तियाँ भूल जाएंगे…
और जरूरत पड़ने पर ही याद आएंगी…
फिर आया वो समय… जब भगवान Rama को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी…
हनुमान जी ने समुद्र पार किया…
लंका में माता Sita को खोजा…
और Ravana की लंका जला दी… 🔥
उनकी भक्ति इतनी सच्ची थी कि
आज भी कहा जाता है —
"जहां-जहां राम का नाम है… वहां-वहां हनुमान हैं…"
🙏 सीख:
सच्ची भक्ति और सेवा से कोई भी असंभव काम संभव हो ज