“एक किसान रोज़ आसमान की ओर देखकर शिकायत करता था—
‘हे भगवान, बारिश ही नहीं होती… मेरी मेहनत बेकार जा रही है।’
तभी एक दिन उसके मन में आवाज़ आई—
‘पहले तू बीज तो डाल, बारिश मैं कर दूँगा।’
किसान ने भरोसा किया… और मेहनत शुरू कर दी।
कुछ दिनों बाद आसमान बरसा… और खेत लहलहा उठे।
उसी गाँव में एक गरीब आदमी बोला—
‘भगवान, मैं अमीर कब बनूँगा?’
आवाज़ आई—
‘जब तू छोटे-छोटे मौकों को पहचानना सीख जाएगा।’
वह बदल गया… हर काम को मौका समझा…
और धीरे-धीरे उसकी जिंदगी बदल गई।
फिर एक लड़का हारकर बैठ गया—
‘अब मुझसे नहीं होगा