एक ऐसी रसोई… जहाँ खतरा सचमुच उबल रहा है…
एक विशाल सूप का बर्तन… ज्वालामुखी की तरह फट रहा है!
भाप हर तरफ… बुलबुले विस्फोट कर रहे हैं… अफरा-तफरी मची है!
और उसके अंदर फँसे हैं—
दो अनोखे हीरो…
बार्नबी द कॉर्न… हर दाने में हिम्मत लिए…
और स्पड द पोटैटो… जो बस किसी तरह टिके हुए हैं!
एक छोटी सी सेलरी की नाव पर…
हर बुलबुले के साथ उछलते हुए—
जैसे कोई टूटी हुई झूला राइड!
ये… कोई खाना नहीं है।
ये… जंग है!
(जैज़ पियानो तेज़ हो जाता है 🎹