जिस देव की मूर्ति है उस देव को प्राप्त करने की विधि भिन्न है।किसी तत्वदर्शी सन्त गुरु के पास जाकर उस प्रभु को प्राप्त करने की साधना (पूजा) करके उस परमात्मा के लाभ को प्राप्त करें। ध्यान रहे कि वह मूर्ति परमात्मा की है वह मूर्ति परमात्मा नहीं है।मूर्ति को देखकर उसे प्राप्त करने की प्रेरणा होती है इसलिए अपने इष्ट देव की मू…
जिस देव की मूर्ति है उस देव को प्राप्त करने की विधि भिन्न है।किसी तत्वदर्शी सन्त गुरु के पास जाकर उस प्रभु को प्राप्त करने की साधना (पूजा) करके उस परमात्मा के लाभ को प्राप्त करें। ध्यान रहे कि वह मूर्ति परमात्मा की है वह मूर्ति परमात्मा नहीं है।मूर्ति को देखकर उसे प्राप्त करने की प्रेरणा होती है इसलिए अपने इष्ट देव की मूर्ति रखना अच्छी बात है उसे नमस्कार करने से साधक में आधीनी का भाव बना रहता है जो भक्ति मार्ग में अति आवश्यक है तथा प्रभु को पसन्द है परन्तु उस मूर्ति व चित्र वाले परमात्मा को प्रा
Aquest fitxer d' àudio ha caducat.
Els enllaços d' àudio compartits expiren després de 24 hores. Podeu generar el vostre propi a sota!
Crea la vostra pròpia IA
Genera sobres de veu professional amb models de 20+AI completament lliures, sense necessitat de signes.