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एक छोटे से गाँव में रामू नाम का किसान रहता था। वह बहुत गरीब था, लेकिन मेहनती और ईमानदार था। उसकी एक ही गाय थी, जिससे उसका घर चलता था। एक दिन रामू खेत में काम कर रहा था। तभी उसे मिट्टी में दबा हुआ एक थैला मिला। उसने खोला तो उसमें बहुत सारे सोने के सिक्के थे। वह चाह ले तो चुपचाप रख सकता था, क्योंकि वहाँ कोई नहीं था। लेकिन रामू ने सोचा — “ये मेरे नहीं हैं, किसी के खोए होंगे।” वह थैला लेकर गाँव में पूछताछ करने लगा। थोड़ी देर बाद पता चला कि गाँव के बूढ़े साहूकार के सिक्के खो गए थे। साहूकार बहुत परेशा
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