भोलू, पूरे गांव की जमीन तो मैंने खरीद ली… बस यही जमीन बची है।
हर इंसान की कोई ना कोई मजबूरी होती है… बस उसी का फायदा उठाना चाहिए।
अरे मोहन, तुम बहुत परेशान लग रहे हो। क्या बात है
ये लो… जब फसल बिके तब लौटा देना।
मोहन, फसल मुझे ही बेच दो। बाजार ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
मैं 10000 दूंगा… लेकिन एक श…
भोलू, पूरे गांव की जमीन तो मैंने खरीद ली… बस यही जमीन बची है।
हर इंसान की कोई ना कोई मजबूरी होती है… बस उसी का फायदा उठाना चाहिए।
अरे मोहन, तुम बहुत परेशान लग रहे हो। क्या बात है
ये लो… जब फसल बिके तब लौटा देना।
मोहन, फसल मुझे ही बेच दो। बाजार ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
मैं 10000 दूंगा… लेकिन एक शर्त है।
फसल जैसी हालत में है, उसी हालत में बेचनी होगी।
अब यह फसल ही नहीं जमीन मीरी है।
फसल जमीन पर खड़ी है… इसलिए जमीन भी मेरे सौदे में आ गई।
लड़की, मैं तुम्हारा सारा अनाज खरीदूंगा।
क्या
हां।”[calm]