भारत के इतिहास में “मौर्य साम्राज्य” एक ऐसा स्वर्णिम अध्याय है, जिसने पहली बार पूरे भारतीय उपमहाद्वीप को एक सशक्त राजनीतिक एकता में बाँधा।
यह वही काल था जब भारत ने न केवल राजनीतिक शक्ति का प्रदर्शन किया, बल्कि प्रशासन, अर्थव्यवस्था, कूटनीति और धर्म के क्षेत्र में भी अद्भुत प्रगति की।
मौर्य साम्राज्य की स्थापना का श्रेय चंद्रगुप्त मौर्य को जाता है, जो एक साधारण पृष्ठभूमि से उठकर महान सम्राट बने।
उनके गुरु और मार्गदर्शक चाणक्य, जिन्हें कौटिल्य या विष्णुगुप्त के नाम से भी जाना जाता है,