रात के ठीक 12 बजकर 7 मिनट हो रहे थे। बाहर तेज़ हवा चल रही थी और खिड़की के शीशे बार-बार खड़क रहे थे।
राहुल और उसके तीन दोस्त – अंकित, सुमित और रोहित – स्कूल की छुट्टियों में उसके पुराने पुश्तैनी घर में ठहरे हुए थे। यह घर सालों से बंद पड़ा था और गाँव में इसके बारे में अजीब-अजीब कहानियाँ मशहूर थीं।
“तुम लोगों ने ब्लडी मैरी का नाम सुना है?” अंकित ने धीमी आवाज़ में पूछा।
रोहित हँस पड़ा, “वही जो आईने में दिखाई देती है? ये सब बच्चों को डराने की बातें हैं।”
राहुल चुप था। उसने दादी से बचपन में इस आत्मा क