इसी गाँव में एक 14 साल का लड़का रहता था—आरव। आरव साधारण था, पर उसके सपने बहुत बड़े थे। वह अक्सर आसमान को देखकर सोचता, “क्या मेरी जिंदगी भी कभी इतनी चमकदार हो सकती है?” लेकिन गाँव के लोग उसकी बातों पर हँसते और कहते, “हमारे जैसे लोग बस यहीं तक ही सीमित हैं।”
[narrator]