पढ़ाई करता था।
गाँव के लोग उसका मजाक उड़ाते थे। वे कहते थे कि गरीब लड़का कभी बड़ा नहीं बन सकता। लेकिन अर्जुन ने कभी हार नहीं मानी। उसे अपने सपनों पर पूरा भरोसा था।
समय बीता, और एक दिन उसके स्कूल में एक बड़ी परीक्षा हुई। अर्जुन ने पूरी मेहनत से तैयारी की और परीक्षा दी। जब परिणाम आया, तो पूरे गाँव के लोग हैरान रह गए — अर्जुन ने पूरे जिले में पहला स्थान हासिल किया था।
उसकी मेहनत रंग लाई। उसे आगे पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति मिली और वह शहर चला गया। उसने लगातार मेहनत की और आखिरकार एक बड़ा अधिकारी बन गया।