उस दिन बारिश कुछ ज़्यादा ही हो रही थी…
सड़कें पूरी तरह भीग चुकी थीं…
आरव बस स्टॉप पर खड़ा था…
अपने फोन में खोया हुआ…
तभी उसकी नज़र अचानक सामने खड़ी एक लड़की पर पड़ी…
वो अकेली थी…
बारिश में भीग रही थी…
उसके हाथ में एक टूटी हुई छतरी थी…
जो उसे बचा नहीं पा रही थी।
आरव कुछ पल तक उसे बस देखता रहा…
पता नहीं क्यों…
वो बाकी लोगों से अलग लग रही थी।
उसके चेहरे पर एक अजीब सी शांति थी…
जैसे उसे बारिश से कोई शिकायत ही नहीं थी।
आरव खुद को रोक नहीं पाया…
वो धीरे-धीरे उसके पास गया…
और बिना कुछ कहे…
अपनी छतरी उस