[narrator] "कभी-कभी जिंदगी… इंसान को ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ा कर देती है…
जहां ना आगे कोई रास्ता दिखाई देता है… और ना ही पीछे लौटने की हिम्मत बचती है…"
"ये कहानी है एक ऐसे लड़के की…
जिसके पास सपने तो बहुत बड़े थे…
लेकिन उन्हें पूरा करने के लिए… कुछ भी नहीं था…"
"नाम था उसका… रवि…
एक छोटा सा टूटा हुआ घर…
बरसात में टपकती छत…
और बिस्तर पर पड़ी एक बीमार माँ…
यही उसकी पूरी दुनिया थी…"
"हर गिरती बूंद… जैसे उसे याद दिला रही थी…
कि उसकी जिंदगी भी… धीरे-धीरे टूट रही है…"
"गरीबी सिर्फ जेब में नहीं होती…
कभी-