चरररर…
समीर ने धीरे से कहा —
“यार… वापस चलते हैं।”
लेकिन आरव ने कैमरा चालू किया।
“दोस्तों, आज हम इंडिया की सबसे भूतिया हवेली में जा रहे हैं।”
कबीर ने दरवाजा धक्का देकर खोला।
चारों अंदर चले गए।
अंदर घुप अंधेरा था।
टॉर्च की रोशनी में धूल उड़ती दिखाई दे रही थी।
छत से जाले लटक रहे थे।
फर्श पर पुराने फर्नीचर पड़े थे।
अचानक…
ऊपर की मंजिल से आवाज आई।
ठक… ठक… ठक…
चारों दोस्त एकदम रुक गए।
रोहित बोला —
“ऊपर कोई है…”
आरव बोला —
“शायद कोई जानवर होगा।”
लेकिन तभी…