गई और Tara बाहर निकल आई; वह तुरंत नहीं उड़ी, बस कुछ पल Sheru के पास रुकी रही, जैसे दोनों के बीच बिना शब्दों के भरोसा बन गया हो।
कभी-कभी ताकत का असली मतलब दूसरों की मदद करना होता है, और भरोसा हमेशा शब्दों से नहीं, बल्कि सही समय पर किए गए काम से बनता है।