आस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाहि व बरकातुह…
भाइयों और बहनों…
आज मैं आपसे एक ऐसी बात करने जा रहा हूँ…
जिसे हम अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं…
लेकिन सच यह है… कि वही हमारी ज़िंदगी की सबसे बड़ी हक़ीक़त है…
वो है… क़ब्र…
ज़रा सोचिए…
एक दिन… हम सबको इस दुनिया को छोड़कर…
उस ठंडी, अंधेरी मिट्टी के नीचे जाना है…
आज नहीं… तो कल… यह तय है…
लेकिन… क्या हमने कभी सोचा है…
कि क़ब्र के अंदर क्या होता है…?
इंसान के साथ वहाँ क्या गुज़रती है…?
आइए… बहुत आसान और समझने वाले अंदाज़ में…
क़ुरआन और सहीह हदीस की रोशनी में…