एक समय की बात है, एक गरीब आदमी एक छोटे से गाँव में रहता था।
उसके पास न पैसे थे, न कोई सहारा… लेकिन उसके दिल में अल्लाह पर पूरा यकीन था।
वह रोज मेहनत करता था, लेकिन उसकी ज़िंदगी की परेशानियाँ खत्म होने का नाम नहीं ले रही थीं।
एक दिन वह बहुत परेशान होकर मस्जिद गया…
उसने दो रकअत नमाज़ पढ़ी और दिल से दुआ की:
“या अल्लाह! मैं बहुत थक गया हूँ… मेरी मदद फरमा।”
नमाज़ के बाद वह वहीं बैठा रहा, उसकी आँखों में आँसू थे… लेकिन दिल में उम्मीद थी।
उसी समय एक नेक इंसान मस्जिद में आया।
उसने उस गरीब आदमी को देख