एक इंसान जिसके पास कभी तीन पाव खरीदने के पैसे नहीं थे
पैसों के अभाव में रिश्तेदार जिसे कभी भाव नहीं देते थे
और लेंदार बीच बाजार बेइज़त करते थे
किस्मत ने बनाया उसे रातों रात अरबपति
कभी कभी पूर्ण निष्ठा से काम करने के बाद भी कुछ नहीं मिलता
वहीं जरा सी हेर फेर और पैसों का ढेर लगते देर नहीं लगती
मगर इसकी कीमत इंसान को कभी ना कभी चुकानी ही पड़ती है
ये बात है उस समय की जब बिग बुल हर्षद मेहता शेयर मार्केट से खेल रहा था
और इसी खेल में भास्कर कुमारम ने अपना फायदा ढूंढा
अगर आप में भी पैसे कमाने की भूख