तभी कहानी का फोकस शिफ्ट होता है… और हमें दिखाया जाता है उस जिम का मालिक।
वो फोन पर किसी से बात कर रहा होता है—आवाज़ से ही पता चल रहा होता है कि वो कोई आम आदमी नहीं है… उसकी बातों में एक अलग ही कॉन्फिडेंस है।
तभी उसका असिस्टेंट अंदर आता है।
मालिक उसकी तरफ देखता है और पूछता है,
“वो लड़का… याद है तुम्हें?”
असिस्टेंट तुरंत जवाब देता है,
“हाँ, उसे कौन नहीं याद रखेगा… अभी तो सब उसी की बात कर रहे हैं।”
मालिक हल्की सी मुस्कान के साथ कहता है,
“मैं उससे मिलने जा रहा हूँ।”
ये सुनकर असिस्टेंट थोड़ा हैरान हो