राजा एल्डन (शांत लेकिन गंभीर):
“वे आ रहे हैं… है ना?”
सेनापति कैल:
“हाँ महाराज। दुश्मन सेना ने उत्तरी सीमा पार कर ली है। वे सुबह तक राजधानी पहुँच जाएंगे।”
Narrator:
राजा अपने महल की बालकनी पर खड़ा था। आसमान में काले बादल छा रहे थे। हवा में युद्ध के ढोल की आवाज़ गूंज रही थी।
राजा एल्डन (धीरे से):
“मैंने कभी ताज युद्ध के लिए नहीं चाहा था… सिर्फ शांति के लिए।”
सेनापति कैल:
“तो उन्हें दिखाइए कि जो आपके राज्य पर हाथ डालेगा, उसका क्या हश्र होता है।”
Narrator:
रात होते ही पूरा राज्य तैयार होने लगा