एक समय की बात है, जंगल में एक भोला-भाला खरगोश रहता था। वह बहुत सीधा था और हर किसी पर जल्दी भरोसा कर लेता था।
एक दिन वह नदी के किनारे पानी पी रहा था, तभी उसकी मुलाकात एक चालाक साँप से हुई। साँप ने मीठी आवाज़ में कहा,
“अरे मित्र, तुम तो बहुत अच्छे लगते हो। क्या हम दोस्त बन सकते हैं?”
भोले खरगोश ने बिना सोचे-समझे हाँ कर दी। अब दोनों रोज़ मिलने लगे। साँप धीरे-धीरे खरगोश का भरोसा जीतने लगा।
एक दिन साँप ने कहा,
“दोस्त, मेरे बिल के पास बहुत मीठे फल हैं। चलो, मैं तुम्हें दिखाता हूँ।”
खरगोश उसके साथ चल प