गांव के किनारे बसे एक छोटे से घर में रामू नाम का एक गरीब किसान रहता था। उसका घर कच्ची मिट्टी का बना था, जिसकी दीवारों में दरारें थीं और छत पर पुराने टीन के टुकड़े रखे थे ताकि बारिश में पानी अंदर न टपके। उसके परिवार में उसकी पत्नी सीता और दो छोटे बच्चे थे—गुड्डू और पिंकी।
रामू के पास सिर्फ दो बीघा जमीन थी, जो उसके पिता से उसे विरासत में मिली थी। उसी जमीन पर वह खेती करता और अपने परिवार का पेट पालता था। लेकिन पिछले कुछ सालों से मौसम ने जैसे उससे दुश्मनी कर ली थी। कभी सूखा पड़ जाता, तो कभी इतनी