गांव के किनारे एक पुराना कुआं था।
लोग कहते थे कि वहां रात के बाद कोई नहीं जाता… क्योंकि जो गया, वो कभी वापस नहीं आया।
रवि, जो शहर से गांव आया था, इन बातों पर विश्वास नहीं करता था।
एक रात उसने अपने दोस्त अमन से कहा,
“चल आज सच पता करते हैं।”
आधी रात को दोनों टॉर्च लेकर कुएं के पास पहुंचे।
चारों तरफ सन्नाटा था… सिर्फ झींगुरों की आवाज़।
जैसे ही रवि ने कुएं में झांका…
उसे अंदर पानी नहीं दिखा… बल्कि किसी का चेहरा दिखा।
रवि डर गया और पीछे हट गया।
अमन हंसा — “डर गया क्या?”