रात के करीब दो बजे थे, बाहर तेज बारिश हो रही थी और एक टूटी हुई झोपड़ी की छत से पानी टपक रहा था, लेकिन उस अंधेरे और सन्नाटे में एक छोटा सा दीया जल रहा था, जिसके सामने बैठा अर्जुन नाम का एक लड़का किताब खोलकर पढ़ रहा था, वो सिर्फ पढ़ नहीं रहा था बल्कि अपनी किस्मत बदलने की कोशिश कर रहा था, उसके घर की हालत इतनी खराब थी कि कई बार उसे बिना खाना खाए सोना पड़ता था, उसकी माँ दूसरों के घरों में काम करती थी और उसके पिता बीमारी से जूझ रहे थे, लेकिन इन सबके बीच अर्जुन ने हार मानना कभी नहीं सीखा, हर रात जब नी