महाभारत का सबसे अनदेखा लेकिन सबसे शक्तिशाली योद्धा था — कर्ण।
जन्म से ही उसके पास दिव्य कवच और कुंडल थे, जो उसे लगभग अजेय बनाते थे।
लेकिन उसकी ज़िंदगी आसान नहीं थी…
उसे हमेशा ‘सूत पुत्र’ कहकर अपमानित किया गया।
फिर भी, उसने अपनी मेहनत और प्रतिभा से साबित किया कि वह किसी से कम नहीं है।
उसने भगवान Parashurama से शस्त्र विद्या सीखी… लेकिन एक श्राप भी मिला।
सबसे बड़ा त्याग?
उसने अपने कवच और कुंडल भी दान में दे दिए — अपने दुश्मन को!
और इसी वजह से, आखिरी युद्ध में वह कमजोर पड़ गया…
जरा सोचिए…
अगर