“गोकुल की गलियों में… एक नन्हा सा बालक जन्मा…
जिसे सबने प्यार से कहा… नंदलाल… 💙
माँ यशोदा की गोद में खेलते-खेलते…
वही नंदलाल बन गए… सबके प्यारे कान्हा… 👶
थोड़े बड़े हुए… तो उनकी शरारतें बढ़ गईं…
माखन चुराना… और मुस्कुराना…
तभी तो सबने उन्हें कहा… माखन चोर… 🧈
गायों के बीच… बांसुरी की धुन बजाते हुए…
वो बन गए… गोपाल… 🐄
और जब कालिया नाग ने मचाया आतंक…
तो उसी नन्हे कान्हा ने… उसे हराकर…
दुनिया को दिखाया अपना दिव्य रूप…
कालिया मर्दन… 🐍
फिर अपनी मधुर बांसुरी से…
सबका मन मोह लिया…
और कहलाए… मुरली