उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ तब आया… जब बो किसी काम से मध्यप्रदेश के जिला गुना गए हुए थे वहां उनकी मुलाकात होती है लाल दास महाराज जी से ।
यह मुलाकात साधारण नहीं थी… यह उनके जीवन को बदल देने वाली मुलाकात थी।
कुछ दिन उनके साथ रहने के बाद वे उनके विचारों और भक्ति से गहराई तक प्रभावित हो गए।
यहीं उन्होंने उन्हें अपना गुरु स्वीकार किया और दीक्षा ली।
गुरु जी ने उन्हें समझाया कि
“पैसा सब कुछ नहीं है… असली जीवन माता-पिता की सेवा और भगवान की भक्ति में है।”
इसके बाद वे घर लौट आए और
कुछ समय बाद उन्होंने जूत