एक समय की बात है, एक छोटे से गाँव में एक गरीब लकड़हारा रहता था। उसका नाम रामू था। वह रोज जंगल जाकर लकड़ियाँ काटता और उन्हें बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था।
एक दिन जब वह नदी किनारे पेड़ काट रहा था, अचानक उसकी कुल्हाड़ी उसके हाथ से फिसलकर नदी में गिर गई। रामू बहुत दुखी हो गया और रोने लगा, क्योंकि वही उसकी रोज़ी-रोटी का एकमात्र साधन था।
तभी नदी से एक देवता प्रकट हुए। उन्होंने रामू से पूछा, “तुम क्यों रो रहे हो?”
रामू ने सच्चाई से पूरी बात बता दी।
देवता पानी में गए और एक सोने की कुल्हाड़ी