“दोस्तों…
आज की ये कहानी मज़ाक नहीं है…
ये वो सच्चाई है जिसे हर इंसान को एक दिन फेस करना है…
जब इंसान की मौत होती है…
तो लोग उसे नहलाते हैं… कफ़न पहनाते हैं…
और फिर उसे कब्र में उतार देते हैं…
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है…
कि जब सब लोग वापस चले जाते हैं…
तो उस इंसान के साथ कब्र में क्या होता है?
कब्र… एक अंधेरी, तंग जगह…
जहाँ ना कोई दोस्त होता है… ना कोई रिश्तेदार…
जैसे ही लोग चले जाते हैं…
इंसान को अपने कदमों की आवाज़ सुनाई देती है…
और फिर अचानक…
दो खौफनाक फरिश्ते आते हैं…
जिन्हें मुनकर नक़ीर कह