जब अधर्म अपनी सारी हदें पार कर देता है… जब हर तरफ सिर्फ चीखें और विनाश रह जाता है… तब जन्म होता है विनाश की सबसे भयानक शक्ति का…
राक्षसों का आतंक इतना बढ़ चुका था कि लोग डर के साए में जी रहे थे… धरती कांप रही थी… और आकाश खून की तरह लाल हो चुका था…
और तभी… एक भयानक गर्जना के साथ… मां काली प्रकट हुईं…
आंखों में आग… हाथों में खड्ग… और जिह्वा बाहर… जैसे खुद मृत्यु धरती पर उतर आई हो…
मां काली ने बिना रुके राक्षसों का संहार शुरू कर दिया… एक-एक कर हर राक्षस का अंत हो गया… लेकिन… उनका क्रोध रुकने का नाम